– सरकार, प्रशासन व औद्योगिक कंपनियों द्वारा जबरन छिनी जा रही खेती
दुर्योधन तरारे I गडचिरोली.
आदिवासी बहुल गड़चिरोली जिले में नक्सल आंदोलन न के बराबर होने के बाद अब सरकार, प्रशासन और औद्यागिक कंपनियों द्वारा हुकूमशाही का रवैया अपनाया गया है। जिले में औद्योगिक विकास के नाम पर किसानों को भूमिहीन करने का पूरजोर प्रयास किया जा रहा है। वहीं किसानों को भूमिहीन करने के लिए सरकार, प्रशासन व औद्योगिक कंपनियों द्वारा जबरन खेती छिनी जा रही है। लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के लौह परियोजना के लिए सरकारी व प्रशासनिक आदेशान्वये राजस्व विभाग के अधिकारी बुधवार, 11 मार्च 2026 को चामोर्शी तहसील के मुधोली चक नं. 2 में खेतजमीन का मोजमाप व अधिग्रहण के लिये गये थे। इस दौरान किसानों ने खेतजमीन मोजमाप व अधिग्रहण को कड़ा विरोध जताया। जिसके चलते राजस्व विभाग के अधिकारियों को खाली हाथ वापिस लौटना पड़ा। किसानों के रोष को देखते हुए सरकार व प्रशासन द्वारा खेतजमीन मोजमाप व अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त लगाया गया था।

बता दें कि, महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री फडणवीस ही गड़चिरोली जिले के पालकमंत्री होने के बावजूद यहां के किसानों का भारी नुकसान कर औद्योगिक विकास किया जा रहा है। चामोर्शी तहसील के मुधोली चक नं. 2, पारडी देव (रिठ) व जयरामपूर परिसर में खरीफ और रबी सीजन में खेती की जाती है। यहां के किसानों का खेती के अलावा जीवनयापन करने का दुसरा कोई साधन नहीं है। इसके बावजूद भी सरकार व प्रशासन द्वारा औद्योगिक कंपनियों के हित के लिए किसानों को भूमिहीन किया जा रहा है। किसानों के तीव्र विरोध के बावजूद भी खेतजमीन मोजमाप व अधिग्रहण प्रक्रिया चलाई जा रही है। चामोर्शी तहसील के भेंडाला परिसर के 14 गांवों की 3 हजार 504 हेक्टेयर जमीन एमआईडीसी के लिए अधिग्रहित करने का प्रयास सरकार, प्रशासन व औद्योगिक कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। जिससे 14 गांवों के किसानों पर भी भूमिहीन होने की नौबत आन पड़ी है। किसानों द्वारा तीव्र आंदोलन किया जा रहा है। भेंडाला परिसर के 14 गांवों की खेतजमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना तत्काल खारिज करने की मांग को लेकर किसान प्रशासन के खिलाफ खड़े हो गये है।
किसान लोकशाही मार्ग से सरकार के साथ संघर्ष कर रहे है। किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए मुंडन आंदोलन, अर्धनग्न आंदोलन, एक दिवसीय अनशन, जल समाधि, उपविभागीय अधिकारी चामोर्शी कार्यालय पर मोर्चा, जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा आदि आंदोलन निश्चित किये है। इसके चलते गुरुवार, 12 मार्च को मुंडन आंदोलन किया जानेवाला है। किसानों द्वारा खेत जमीन मोजमाप और अधिग्रहण के लिए कड़ा विरोध जताने के बावजूद सरकार व प्रशासन द्वारा पूंजीपति औद्योगिक कंपनियों के विकास के लिये किसानों को भूमिहीन करने का घाट रचा जा रहा है। जिससे जिले के आम लोगों में सरकार, प्रशासन व औद्योगिक कंपनियों द्वारा दिये गये किसान और जनता के विकास के वादों पर संदेह निर्माण हाे रहा है। जिले के नागरिक और किसानों के विकास के अलावा गड़चिरोली में कंपनियों का विकास होते दिखाई दे रहा है।
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औद्योगिक कंपनियों के लिए जिला प्रशासन कर रहा है काम
चामोर्शी तहसील के मुधोली चक नं. 2, पारडी देव (रिठ), जयरामपूर और भेंडाला परिसर के 14 गांवों के किसानों के विरोध के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक कंपनी और एमआईडीसी के नाम पर खेत जमीन मोजमाप और हस्तांरित करने का प्रयास किया जा रहा है। मुधोली चक नं. 2 व परिसर के खेत जमीनों के मोजमाप और हस्तांतरण के लिए येनापूर से जयरामपूर मार्ग की यातायात 10 मार्च से 14 मार्च तक बंद रखने का आदेश जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने 9 मार्च को जारी किया है। जिससे सरकार व प्रशासन भी किसान और जनता के हित के लिए काम न करते हुए औद्योगिक कंपनियों के हित के लिए काम करते दिखाई दे रहे हैI








